छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना , अब गोबर बनेगा…’गो-धन’

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना

उद्देश्य – छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना जैविक खेती को बढ़ावा, ग्रामीण एवं शहरी स्तर पर रोजगार के नये अवसरों का निर्माण, गोपालन एवं गो-सुरक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ पशु पालकों को आर्थिक रूप से लाभान्वित करना।

प्रारंभ –

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना को 20 जुलाई 2020 को हरेली उत्सव के दिन से गोबर की खरीद शुरू की गई है।

प्रावधान/लाभ –

  • वर्तमान में 3726 गौठानों में 2 रूपए प्रति किलो की दर से ग्रामीणों तथा गोबर संग्राहकों से गोबर खरीदी की जा रही है।
  • राज्य में 1,92,000 पंजीकृत व 1,02,232 लाभान्वित पशुपालक हैं।
  • खरीदे गये गोबर से स्व. सहायता समूहों द्वारा वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण किया जा रहा है।
  • योजनान्तर्गत 8 रू. प्रति किलो की दर से वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री ।
  • वर्मी कम्पोस्ट ‘गोधन वर्मी कम्पोस्ट’ के नाम से लांच 20 नवम्बर 2020 तक 53.53 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है।
  • गांवों में रोजगार व अतिरिक्त आय के अवसरों में वृद्धि।

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